About the Event
जहाँ शब्द बनें स्वर
जहाँ श्रुत संगीत में ढलता है…
जहाँ संगीत साधना बनता है…
श्रुत स्वरांजलि : यानी श्री विद्यासमय कुल तिलक महातपस्वी मुनिश्री 108 दुर्लभसागर जी मुनिराज की प्रेरणा से प्रारम्भ हुआ, संगीत के माध्यम से श्रुत (जिनागम) को समर्पित एक अनन्य महोत्सव। जिसका उद्देश्य है - वर्धतां जिनशासनं।
यह
Theme
बारह भावना
बारह भावना मतलब आत्मा को संसार से हटाकर सत्य और वैराग्य की ओर ले जाने वाले 12 गहरे चिंतन। ये हमें याद दिलाती हैं कि यह संसार स्थायी नहीं है, शरीर और संबंध अस्थायी हैं, और असली कल्याण केवल आत्मकल्याण में है।
सरल भाषा में कहें तो बारह भावना, सोच को इतना पवित्र बनाना कि राग-द्वेष कम होने लगे और आत्मा की तरफ ध्यान बढ़ने लगे। उदाहरण : राजा राणा छत्रपति (लघु बारह भावना, कविवर भूधरदास जी रचित), वंदूँ श्री अरिहंतपद, वीतराग विज्ञान (बड़ी बारह भावना, श्री मंगतराय जी रचित) आदि।
अब आपको इसी “बारह भावना” पर अपनी कृति तैयार करके संगीत निर्माण एवं गायन के साथ इस प्रतियोगिता में भाग लेना है।
Prizes
Win Glory & Rewards
Total prize pool worth ₹2,40,000+
Grand Champion of Season 2
First Runner Up
Second Runner Up
How to Participate
Four Simple Steps
Grand Finale
19 जून 2026 • आरोन, मध्य प्रदेश
श्रुत को समर्पित, संगीत के रस में डूबा हुआ एक ऐसा महोत्सव जो आपको देता है धर्म प्रभावना, जिनवाणी सेवा और अपने आप को जानने का अनन्य अवसर। जहाँ आपकी प्रतिभा, हजारों लोगो के बीच, भक्ति का रूप ले कर, बनाती है इस उत्सव को महोत्सव।
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स्वरांजलि?
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हमारे प्रायोजकों के सहयोग से
हम उन संगठनों के आभारी हैं जो 'श्रुत स्वरान्जलि सीज़न 2' का समर्थन कर रहे हैं और इस उत्सव को संभव बना रहे हैं। उनके योगदान से हम प्रतिभागियों को एक उत्कृष्ट मंच प्रदान कर सकते हैं और संगीत के इस अद्भुत जश्न को सफलतापूर्वक आयोजित कर सकते हैं।